🔊
मेले हमारी आस्था, संस्कृति एवं परंपरा के ध्वजवाहक झुमाधुरी महोत्सव का आगाज चार दिनी महोत्सव में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, कलश यात्रा व सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां
लोहाघाट। ऐतिहासिक झुमाधुरी महोत्सव का चार दिवसीय आयोजन शुरू हो गया। महोत्सव का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ किया गया। आयोजन स्थल पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही और पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बन गया।
महोत्सव की शुरुआत में ग्रामीण महिलाओं ने मांगलिक परिधान धारण कर प्राथमिक विद्यालय से झूमा देवी मंदिर तक कलश यात्रा निकाली। यात्रा के दौरान मां झूमा देवी तू सबों में देन होए गीतों से वातावरण गुंजायमान हो उठा।
स्थानीय विद्यालयों सरस्वती शिशु मंदिर, प्राथमिक विद्यालय एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय के बच्चों ने सरस्वती वंदना और रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं।
आयोजन समिति के अध्यक्ष मोहन पाटनी ने बताया कि इस महोत्सव की नींव स्थानीय लोगों ने अपने सहयोग से रखी थी, और आज यह आयोजन पूरे क्षेत्र की आस्था का केंद्र बन गया है। उन्होंने कहा कि झुमाधुरी मंदिर तक पिछले वर्ष हुई पेयजल व्यवस्था से हजारों श्रद्धालुओं को सुविधा मिली है, जिससे महोत्सव और अधिक सुगम हो गया है।
पहले ही दिन महोत्सव स्थल पर काफी चहल-पहल रही। देर शाम सांस्कृतिक संध्या का आयोजन भी किया गया, जिसमें स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मोहन पाटनी ने की तथा संचालन जगदीश पाटनी, प्रमोद पाटनी और शशांक पांडे ने किया।