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उप जिला चिकित्सालय लोहाघाट में नए सीएमएस के कार्य भार संभालते ही दिखने लगे बदलाव
लोहाघाट। उप जिला चिकित्सालय लोहाघाट में व्यवस्थाओं का नया दौर शुरू हो गया है। सीएमएस की जिम्मेदारी नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. विराज राठी को मिलने के बाद अस्पताल का स्वरूप बदलता नजर आ रहा है। सफाई व्यवस्था, कर्मचारियों के व्यवहार, अल्ट्रासाउंड व लैब जांचों में तेजी जैसे सुधार मरीजों को सीधे महसूस होने लगे हैं।
कार्यभार संभालते ही डॉ. राठी ने अस्पताल में यूजर चार्ज का एकीकृत काउंटर शुरू किया है। अब सभी प्रकार की जांचों व उपचार का शुल्क एक ही स्थान पर जमा होगा। पहले अलग-अलग व्यवस्थाओं के कारण लीकेज की शिकायतें सामने आती थीं। अब सभी जांचें अस्पताल में ही होंगी और रिपोर्ट उसी दिन दोपहर तक मरीजों को उपलब्ध कराई जाएगी।
बताया गया कि अब तक तैनात तीन कर्मचारी मरीजों को निजी लैब "चंदन लैब" भेजते रहे, जबकि वे सरकारी वेतन पर कार्यरत थे। नई व्यवस्था के तहत हर कर्मचारी का कार्य रजिस्टर में दर्ज होगा और यह स्पष्ट रहेगा कि उसने प्रतिदिन कितनी जांचें कीं।
सीएमएस ने निर्देश दिए हैं कि अस्पताल में स्वच्छता और मरीजों के प्रति व्यवहार में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान सीधे सीएमएस स्तर पर होगा, लेकिन मरीजों व तीमारदारों से दुर्व्यवहार करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस बीच सीएमओ डॉ. देवेश चौहान ने भी नए सीएमएस को स्पष्ट निर्देश दिए कि मरीजों को बेहतर सुविधा और जीवनरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाए जाएं। उन्होंने आश्वासन दिया कि धन और संसाधनों की कमी किसी भी स्थिति में बाधक नहीं बनेगी। अस्पताल में वार्ड बॉय व सफाईकर्मियों की कमी को भी जल्द पूरा किया जाएगा।
सीएमएस डॉ. विराज राठी