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क्षेत्र पंचायत प्रतिनिधियों की अनदेखी से बदहाल ग्रामीण
लोहाघाट ब्लाक
भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र के पुला-चमदेवल-बगोटी मोटर मार्ग और डुगरा-लेटी मोटर मार्ग की दुर्दशा ने ग्रामीणों का जीना दूभर कर दिया है। हालात इतने खराब हैं कि बरसात में सड़कों पर बड़े-बड़े तालाब बन गए हैं और आवाजाही पूरी तरह बाधित हो रही है।
ग्राम गुरेली और सीमावर्ती बस्तियों में पानी की विकट समस्या, ज्येष्ठ ब्लॉक प्रमुख के घर के सामने मोटर मार्ग पर भरा पानी सड़क की दुर्दशा
ग्राम गुरेली और सीमावर्ती बस्तियों में पानी की विकट समस्या, ज्येष्ठ ब्लॉक प्रमुख के घर तक पहुंची दुर्दशा
ग्राम गुरेली और आसपास के लोगों का कहना है कि बीडीसी सदस्य किशोर रावत और क्षेत्र पंचायत प्रतिनिधि लगातार नदारद हैं। जनता की समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय विकास कार्यों को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।
ग्रामीणों ने बताया कि इन क्षेत्रों में पेयजल संकट भी चरम पर है। गांवों में जल योजनाएं दम तोड़ चुकी हैं, लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं।
हैरानी की बात यह है कि ज्येष्ठ ब्लॉक प्रमुख के घर के ठीक सामने तक सड़कों पर पानी भर चुका है, लेकिन फिर भी समस्या के समाधान को लेकर कोई ठोस पहल नहीं दिख रही। ग्रामीणों ने व्यंग्य करते हुए कहा कि “जब ज्येष्ठ ब्लॉक प्रमुख के घर के आगे सड़क तालाब बनी है, तो फिर आम जनता के गांवों की हालत कौन पूछेगा?”
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुला-चमदेवल-बगोटी और डुगरा-लेटी मार्ग को जोड़ने वाले ये रास्ते क्षेत्र की जीवनरेखा हैं, लेकिन जलभराव, गड्ढों और मलबे के कारण यह पूरी तरह खंडहर में तब्दील हो चुके हैं। बच्चों, बुजुर्गों और बीमारों को अस्पताल तक पहुंचाना भी मुश्किल हो गया है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और शासन से मांग की है कि वे बीडीसी और क्षेत्र पंचायत प्रतिनिधियों की जवाबदेही तय करें और इन मार्गों की तुरंत मरम्मत कराते हुए पेयजल संकट का समाधान करें। अन्यथा जनता को आंदोलन का रास्ता अपनाने पर मजबूर होना पड़ेगा।
फोटो: ज्येष्ठ ब्लॉक प्रमुख के घर के पास पानी से लबालब सड़क, हालात तालाब जैसे; आयुष्मान आरोग्य मंदिर के पास से दिखता बुरा हाल।