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सीमांत रोसाल में जल्द गूंजेगा “कुमाऊं एकता महोत्सव” – क्षेत्रीय जनता में उत्साह, रविवार को दिगालीचौड़ में अहम बैठक
चंपावत।
सीमांत लोहाघाट ब्लाक रोसाल में
लंबे इंतज़ार के बाद अब कुमाऊं एकता महोत्सव सीमांत क्षेत्र रोसाल में होने जा रहा है। यह महोत्सव, जो मई माह के अंतिम सप्ताह में प्रस्तावित था, किसी कारणवश स्थगित हो गया था। लेकिन अब क्षेत्रीय जनता के सहयोग और एकता की भावना से यह आयोजन नए जोश और ऊर्जा के साथ बहुत जल्द संपन्न होगा।
रविवार को दिगालीचौड़ में आयोजित क्षेत्रीय जनता की आम बैठक में महोत्सव की रूपरेखा तय की जाएगी। इस बैठक में कुमाऊं की संस्कृति, लोककला और परंपराओं को भव्य मंच देने की तैयारियों पर विस्तृत चर्चा होगी।
इस मौके पर गोलू भट्ट से पीएसआर न्यूज़ के चीफ़ एडिटर पुष्कर सिंह राजपूत ने विशेष बातचीत में बताया कि
कुमाऊं एकता महोत्सव केवल सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि सीमांत क्षेत्र की पहचान और भाईचारे का प्रतीक बनेगा। इस महोत्सव से क्षेत्र की परंपरा, कला और सामाजिक समरसता को राष्ट्रीय पटल पर नई पहचान मिलेगी।
उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय जनता ने लंबे समय से इस महोत्सव का सपना देखा है और अब यह सपना साकार होने जा रहा है। खास बात यह है कि इस आयोजन को लेकर युवाओं से लेकर वरिष्ठ नागरिकों तक सभी में अभूतपूर्व उत्साह देखा जा रहा है।
आयोजन समिति के अनुसार, महोत्सव में कुमाऊं की सांस्कृतिक झलकियों, पारंपरिक लोकनृत्य, लोकगायन और स्थानीय व्यंजनों के साथ-साथ सीमांत क्षेत्र के ऐतिहासिक महत्व पर भी प्रकाश डाला जाएगा।
क्या खास रहेगा बैठक में?
महोत्सव की तिथि और अंतिम कार्यक्रम तय होगा।
स्थानीय कलाकारों, जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों की भागीदारी सुनिश्चित होगी।
सीमांत रोसाल क्षेत्र के विकास और पहचान से जुड़े मुद्दों पर विमर्श होगा।
क्षेत्रीय जनता का मानना है कि यह महोत्सव आने वाले समय में कुमाऊं की एकता का संदेश देशभर में देगा और सीमांत क्षेत्रों की आवाज़ को नई बुलंदी प्रदान करेगा।