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गुमदेश को इस बार ब्लॉक प्रमुख नहीं, लेकिन मिला मज़बूत विपक्ष – अंकिता बोहरा बनीं जनता की आवाज़
लोहाघाट।
हाल ही में सम्पन्न हुए क्षेत्र पंचायत चुनावों में गुमदेश क्षेत्र को इस बार ब्लॉक प्रमुख का पद नहीं मिल सका। हालांकि, गुमदेश की जनता को एक मज़बूत विपक्ष के रूप में अंकिता बोहरा का नेतृत्व मिला है। इस विषय पर ब्लॉक प्रमुख पुष्कर सिंह बोहरा से खास बातचीत की गई।
प्रश्न:
गुमदेश क्षेत्र की जनता लंबे समय से चाह रही थी कि इस बार उन्हें भी एक ब्लॉक प्रमुख मिले। लेकिन हालात ऐसे बने कि गुमदेश को प्रमुख नहीं मिल सका। आखिर इसका कारण आप क्या मानते हैं?
उत्तर (पुष्कर सिंह बोहरा):
गुमदेश हमेशा से सक्रिय राजनीति का केंद्र रहा है। वहाँ की जनता ने हमें भी भरपूर सहयोग दिया। ब्लॉक प्रमुख पद के लिए कई योग्य प्रत्याशी मैदान में थे, लेकिन समीकरण और पंचायत प्रतिनिधियों की संख्या के हिसाब से अंततः बहुमत दूसरी तरफ गया। यही वजह रही कि गुमदेश से ब्लॉक प्रमुख नहीं बन पाया। हालांकि, मैं यह जरूर मानता हूँ कि गुमदेश का योगदान और समर्थन भविष्य में भी हमारी प्राथमिकता रहेगा।
प्रश्न:
लेकिन एक अंकिता बोहरा के रूप में गुमदेश को एक मजबूत विपक्ष मिला है, इसे आप कैसे देखते हैं?
उत्तर (पुष्कर सिंह बोहरा):
विपक्ष लोकतंत्र की शक्ति है। अंकिता बोहरा एक सशक्त प्रतिनिधि के रूप में सामने आई हैं और उन्होंने गुमदेश क्षेत्र की आवाज़ को मजबूती से रखा है। यह स्वस्थ लोकतंत्र के लिए अच्छा संकेत है। विपक्ष मज़बूत होगा तो जनता का काम और बेहतर ढंग से होगा। मेरी कोशिश रहेगी कि विपक्ष और सत्ता पक्ष मिलकर विकास कार्यों में तालमेल बिठाएँ और गुमदेश सहित पूरे क्षेत्र का संतुलित विकास हो।
भविष्य को लेकर उठे सवाल
गुमदेश क्षेत्र की जनता में अब यह चर्चा भी जोर पकड़ रही है कि क्या भविष्य में भी क्षेत्र पंचायत सदस्य ऐसे ही समीकरणों में उलझकर किसी दूसरे क्षेत्र का ब्लॉक प्रमुख बनने का समर्थन करते रहेंगे, या फिर जनता की भावनाओं का सम्मान करेंगे।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि “जो क्षेत्र पंचायत सदस्य गुमदेश की उपेक्षा करेंगे, उन्हें तुरंत ही जनता द्वारा नकारा जाना चाहिए।”
लोगों का मानना है कि प्रतिनिधियों को केवल सत्ता समीकरण नहीं, बल्कि अपने क्षेत्र की आकांक्षाओं को प्राथमिकता देनी चाहिए।