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चंपावत की बेटी लक्षिता को जिलाधिकारी का प्रोत्साहन – पारंपरिक ‘ऐपण’ कला में दिखा आधुनिकता का संगम
जनपद चंपावत की 21 वर्षीय युवा कलाकार लक्षिता जोशी ने पारंपरिक ‘ऐपण’ कला को नई दिशा देकर जिले का मान बढ़ाया है। बाराकोट ब्लॉक के रेंगडु गांव की निवासी लक्षिता ने गेरू और चावल के आटे (बिस्वार) से बनने वाली इस लोककला को बड़े कैनवास और आधुनिक माध्यमों पर प्रस्तुत कर इसे डिजिटल युग में भी जीवंत बनाए रखने का सराहनीय प्रयास किया है।
हाल ही में लक्षिता ने जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार से कैंप कार्यालय में भेंट कर अपनी कलाकृतियाँ उन्हें भेंट कीं। डीएम उनकी कला और रचनात्मकता से अत्यधिक प्रभावित हुए और उनकी भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा, “ऐसी प्रतिभाएं न केवल जनपद की पहचान होती हैं, बल्कि इनका संरक्षण और प्रोत्साहन हम सभी की जिम्मेदारी है।”
लक्षिता ऐपण कला को स्वरोजगार का माध्यम भी बना रही हैं। वे अपनी ऐपण निर्मित वस्तुएँ ऑनलाइन बेचकर न केवल आर्थिक आत्मनिर्भरता की राह पर अग्रसर हैं, बल्कि इस पारंपरिक कला को रोजगार और महिला सशक्तिकरण का साधन बनाने का प्रयास कर रही हैं।
डीएम श्री कुमार ने उन्हें पढ़ाई के साथ कला को और निखारने तथा विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों में हिस्सा लेने की सलाह दी। उन्होंने आश्वासन दिया कि जिला प्रशासन हर संभव सहयोग उपलब्ध कराएगा।
लक्षिता ने इस सम्मान और मार्गदर्शन पर जिलाधिकारी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह प्रोत्साहन उनके लिए गर्व की बात है और भविष्य में और मेहनत करने की प्रेरणा देगा।
इस अवसर पर उनके भाई-बहन सुमन बोहरा व गौरव भी उपस्थित रहे।