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लोहाघाट ब्लॉक प्रमुख: ‘विकास दुबे पार्ट-2 कानून के शिकंजे से अब तक बाहर, आखिर गया तो गया कहाँ?
लोहाघाट। ब्लॉक प्रमुख बनने के बाद मानो जोश में होश खो बैठे लोहाघाट के ब्लॉक प्रमुख पर लगातार गंभीर आरोप लगते रहे हैं। ताजा मामला 14 अगस्त उस रात का है जब रात्रि 11 बजे प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष के घर में घुसकर मारपीट व हमले की घटना घटित हुई। लेकिन हैरानी की बात है कि कई दिनों बाद भी कानून की गिरफ्त से माननीय प्रमुख जी अब तक बाहर हैं।
क्षेत्र की जनता अब सवाल कर रही है कि
आखिर गया तो गया कहाँ? धरती निगल गई या आसमान फट गया
क्या यह वही कानून है जो आम आदमी को छोटी-सी गलती पर तुरंत पकड़ लेता है, और बड़े पद वालों के लिए महीनों तक सो जाता है
लोगों का कहना है कि लोहाघाट में यह ब्लॉक प्रमुख किसी स्थानीय विकास दुबे की तरह काम कर रहा है, जिसका खौफ चारों ओर फैला हुआ है। सत्ता और रसूख का नशा ऐसा कि कानून भी दूर-दूर तक नजर नहीं आता।
सवालों के घेरे में प्रशासन
इस पूरे मामले ने पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। आमजन में चर्चा है कि अगर यही कृत्य किसी साधारण व्यक्ति ने किया होता तो अब तक जेल की सलाखों के पीछे होता। लेकिन जब बात प्रमुख की हो, तो फाइलें ठंडी, कार्रवाई ढीली और कानून नदारद दिखाई देता है।
जनता का कटाक्ष
गांव-गांव, चौपालों और बाजारों में लोग तंज कसते हुए यही कहते सुने जा रहे हैं
अब तो लगता है, कानून भी प्रमुख जी को सलाम ठोक कर खड़ा है।