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रीश्वेश्वर महादेव मंदिर लोहाघाट में शिव पुराण कथा समापन के उपलक्ष्य में जन्माष्टमी पर्व पर राधा-कृष्ण की झांकी निकाली गई
लोहाघाट (चंपावत)। सीमांत क्षेत्र लोहाघाट के रीश्वेश्वर महादेव मंदिर में संपन्न हुई महा शिव पुराण कथा के पश्चात बुधवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व धूमधाम और श्रद्धा-भक्ति के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मंदिर समिति और श्रद्धालुओं द्वारा राधा-कृष्ण की भव्य झांकी सजाकर नगर भ्रमण कराया गया, जिसने पूरे लोहाघाट बाजार को भक्तिमय बना दिया।
सुबह से ही श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। छोटे-छोटे बालक-बालिकाओं ने कृष्ण और राधा का रूप धारण कर झांकी में सहभागिता की। सजे-धजे रथ पर विराजमान नन्हे कलाकारों ने राधा-कृष्ण की मोहक छवि प्रस्तुत की, जिन्हें देखने के लिए स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों की भीड़ उमड़ पड़ी।
मंदिर प्रांगण से शुरू होकर झांकी ने मुख्य बाजार क्षेत्र का भ्रमण किया। इस दौरान “राधे-राधे”, “जय श्रीकृष्ण” और “हर हर महादेव” के गगनभेदी उद्घोष से पूरा नगर गूंज उठा। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर झांकी का स्वागत किया।
कार्यक्रम में क्षेत्रवासियों ने धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपरा का अद्भुत संगम देखा। आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद और जलपान की व्यवस्था भी की गई।
एकता और भक्ति का प्रतीक बना आयोजन
महा शिव पुराण कथा और जन्माष्टमी पर्व के संयुक्त आयोजन ने क्षेत्र में भक्ति, सौहार्द और सामूहिकता का संदेश दिया। राधा-कृष्ण की झांकी ने न केवल बच्चों को आकर्षित किया, बल्कि बुजुर्ग और युवा भी भक्ति रस में डूब गए।