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ब्लॉक प्रमुख समेत 10 पर घर में घुसकर तोड़फोड़ व जान से मारने की धमकी का मुकदमा
चंपावत। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संगठन चंपावत के जिलाध्यक्ष गोविंद सिंह बोहरा के घर 14 अगस्त की रात कथित तौर पर घुसकर तोड़फोड़ करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में पुलिस ने लोहाघाट ब्लॉक प्रमुख महेंद्र समेत 10 लोगों के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पीड़ित की पत्नी भागीरथी बोहरा की तहरीर पर लोहाघाट थाने में मामला दर्ज हुआ। तहरीर के मुताबिक, आरोपियों ने घर में घुसकर मारपीट, गाली-गलौज और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया।
थानाध्यक्ष अशोक कुमार सिंह ने बताया कि नामजद आरोपियों में महेंद्र ब्लाक प्रमुख, अमित फर्त्याल, गौतम सिंह, शिवराज सिंह, गिरीश , दिनेश महरा, देवेंद्र बोरा, सतीश महरा, गिरीश महरा, निर्मल फर्त्याल समेत अन्य शामिल हैं। इनके खिलाफ बीएनएस की धारा 331(4), 91, 351, 352(2), 354(4) के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है।
गौरतलब है कि ब्लाक प्रमुख महेंद्र 14 अगस्त को ही लोहाघाट ब्लॉक प्रमुख बने थे और अगले ही दिन उन पर यह मुकदमा दर्ज हो गया। पुलिस का कहना है कि विवेचना में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इसमें बताए गए धाराओं के अनुसार संभावित सज़ा हैं
खबर में जिन धाराओं का ज़िक्र है, वे हैं:
धारा 331 (IPC) – पूछताछ/जांच के दौरान चोट पहुँचाना: सज़ा अधिकतम 10 साल तक की कैद और जुर्माना।
धारा 91 (शायद बीएनएस की धारा होगी) – नई भारतीय न्याय संहिता (BNS) के अनुसार यह अलग हो सकती है, इसका विवरण नए कानून में देखना पड़ेगा।
धारा 351, 352 (IPC) – मारपीट/धक्का-मुक्की: आमतौर पर अधिकतम 3 महीने से 2 साल तक की कैद या जुर्माना, या दोनों।
धारा 354 (IPC) – महिला की लज्जा भंग करना: अधिकतम 3 साल (कुछ मामलों में 5 साल) तक की कैद और जुर्माना।
कुल मिलाकर अगर सभी धाराएं साबित होती हैं तो सजा कई धाराओं के हिसाब से 3 महीने से लेकर 10 साल या उससे ज़्यादा भी हो सकती है, यह माननीय न्यायालय तय करेगी कि कौन सी धाराएं लागू हैं और सजा साथ-साथ चलेगी या अलग-अलग।