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बाल विवाह और महिला हिंसा रोकने वालों को इनाम बाकी वालों को ‘अक्ल’ लेने की सख़्त ज़रूरत! ₹10,000 और सम्मान – अच्छा काम करने का मुनाफ़ा, गलत काम करने का सिर्फ़ पापा-पापा
चंपावत। जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने ऐलान किया कि अब बाल विवाह रोकने वालों को सीधे ₹10,000 का इनाम मिलेगा। यानी, अगर किसी का बचपन बचा लिया तो जेब भी खुश, दिल भी खुश!
महिला हिंसा और उत्पीड़न रोकने में उत्कृष्ट काम करने वालों को मिलेगा पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र। मतलब, जो महिलाओं को बचाएंगे, वो समाज के रॉकस्टार कहलाएंगे… और जो हिंसा करेंगे, वो पुलिस के गेस्ट हाउस में ठहराए जाएंगे।
डीएम साहब ने कहा – "ये योजना अच्छे लोगों की पहचान के लिए है, ताकि समाज जाने कि हीरो फिल्म में ही नहीं, हमारे बीच भी होते हैं।"
उम्मीद है ये इनाम सुनकर लोग इतने जागरूक हो जाएंगे कि अगली बार किसी शादी में ‘बाल विवाह’ का कार्ड मिले तो RSVP में सीधे लिख दें – “बच्चे स्कूल जाएँगे, बारात नहीं।”