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गौमाता की सेवा में अद्भुत उदाहरण, लेकिन खतरे की जद में ‘मां कामधेनु वात्सल्य सेवा धाम ट्रस्ट’ 50 मीटर दूर नाले की अनदेखी से गौशाला को बड़ा खतरा
चम्पावत। जिला मुख्यालय से दूर, ग्राम मढ़ पसोली (पंथरानी), पोस्ट धौनी शिलिंग स्थित मां कामधेनु वात्सल्य सेवा धाम ट्रस्ट आज गौसेवा का अनुपम केंद्र बन चुका है। यहाँ रोड़ के किनारे से मात्र 50 मीटर की दूरी पर बनी विशाल गौशाला में दर्जनों गौमाताएं सुरक्षित, संरक्षित और स्नेहपूर्वक देखभाल पा रही हैं।
डोली गदरा क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता के बीच बनी इस गौशाला में गायों के लिए पक्की छत, स्वच्छ पानी, पर्याप्त चारा और स्वास्थ्य सुविधा की विशेष व्यवस्था की गई है। यहां के सेवादार दिन-रात निस्वार्थ भाव से गौसेवा में लगे रहते हैं, जिससे यह स्थान गोरक्षा और पशुप्रेम का जीवंत उदाहरण बन गया है।
लेकिन, 50 मीटर दूर बहने वाला नाला गौशाला के लिए खतरे की घंटी बन चुका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नाले की सफाई और मजबूती का कार्य न होने से बरसात में पानी और मलबा गौशाला की ओर आने का खतरा बना रहता है। अगर समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो बेसहारा और बीमार गौमाताओं का यह सुरक्षित ठिकाना गंभीर संकट में आ सकता है।
ग्रामीणों और ट्रस्ट प्रबंधन ने प्रशासन से अपील की है कि नाले की सफाई और सुरक्षा दीवार का निर्माण तत्काल किया जाए, ताकि गौमाताओं की सेवा में जुटा यह पावन स्थल बचा रहे।