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चार बच्चों की विधवा मां को डीएम ने दिया मान-सम्मान, विधवा पेंशन तुरंत स्वीकृत
चंपावत। तल्लादेश के नीड गांव की चार बच्चों की गरीब विधवा मां जानकी ने कभी नहीं सोचा था कि जिलाधिकारी से मिलकर उसकी जिंदगी में इतनी बड़ी राहत आ जाएगी। सुदूर गांव से पहली बार कलेक्ट्रेट पहुंची जानकी दरवाजे पर अपनी दुधमुंही बच्ची और एक बच्चे के साथ बैठी थी। जानकारी मिलने पर जिलाधिकारी मनीष कुमार ने उसे तुरंत बुलवाया, खाना और बच्चे को दूध पिलाया और उसकी समस्या सुनी।
मानवीय संवेदना दिखाते हुए डीएम ने मौके पर ही उसकी विधवा पेंशन स्वीकृत कराई, जिसके लिए वह लंबे समय से दर-दर भटक रही थी। साथ ही आर्थिक सहायता के लिए मुख्यमंत्री को प्रस्ताव भेजा और मकान न होने पर आवास सुविधा देने का आश्वासन दिया।
जानकी का कहना है कि उसने डीएम के बारे में जो सुना था, उससे कहीं अधिक मान-सम्मान और आत्मीयता मिली। डीएम ने उसे अपना फोन नंबर भी दिया और भविष्य में समस्या सीधे फोन पर बताने को कहा।
जिलाधिकारी ने हैरानी जताई कि ऐसे जरूरतमंदों की मदद के लिए पूरा सरकारी तंत्र मौजूद है, फिर भी जानकी जैसी महिला को इतनी दूर आना पड़ा। उन्होंने संबंधित विभागों को ऐसे मामलों में तत्परता बरतने के निर्देश दिए।
???? अपनी दुधमुंही बच्ची के साथ डीएम से मिली जानकी