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चम्पावत को मुख्यमंत्री की तीन बड़ी सौगातें: फोर्ती के मंदिरों के लिए ₹60 लाख, टनकपुर-बनबसा में 59 आंतरिक मार्गों को ₹9.94 करोड़; खलकीना की महिलाओं ने मसाला उद्यम से बढ़ाया आत्मनिर्भरता का मान लोहाघाट से टनकपुर-बनबसा तक विकास को गति, धार्मिक पर्यटन और ग्रामीण सड़क सुविधाओं के विस्तार के साथ बाराकोट की महिलाओं ने स्वरोजगार में पेश की मिसाल
उत्तराखंड जनपद चंपावत।
चम्पावत।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में जनपद चम्पावत में धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण, ग्रामीण सड़क संपर्क और महिला स्वरोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में तीन महत्वपूर्ण पहल सामने आई हैं। लोहाघाट विधानसभा क्षेत्र के फोर्ती में तीन मंदिरों के सौंदर्यीकरण के लिए ₹60 लाख की धनराशि स्वीकृत किए जाने का अनुमोदन मिला है। वहीं, टनकपुर-बनबसा के ग्रामीण क्षेत्रों में 59 आंतरिक मार्गों के निर्माण के लिए ₹9.94 करोड़ से अधिक की धनराशि स्वीकृत हुई है। दूसरी ओर, बाराकोट ब्लॉक के खलकीना गांव में सखी स्वयं सहायता समूह की महिलाएं मसाला उद्यम के माध्यम से स्वरोजगार की नई राह बना रही हैं।
फोर्ती के तीन मंदिरों के सौंदर्यीकरण को ₹60 लाख
लोहाघाट विधानसभा क्षेत्र के फोर्ती स्थित त्यौन्दर बाबा, भूमिया बाबा और महारुद्र मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए मुख्यमंत्री ने कुल ₹60 लाख की धनराशि स्वीकृत किए जाने का अनुमोदन प्रदान किया है। तीनों मंदिरों के लिए ₹20-20 लाख रुपये निर्धारित किए गए हैं। इस पहल से धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के साथ श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
जिलाधिकारी मनीष कुमार के अनुसार, जनपद के धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों के विकास से स्थानीय पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इससे क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान मजबूत होने के साथ आर्थिक विकास और स्वरोजगार की संभावनाएं भी बढ़ सकती हैं।
टनकपुर-बनबसा में 59 आंतरिक मार्गों के निर्माण को ₹9.94 करोड़ स्वीकृत
मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत टनकपुर-बनबसा के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क सुविधाओं के विस्तार के लिए शासन ने 59 आंतरिक मार्गों के निर्माण हेतु ₹994.17 लाख यानी ₹9 करोड़ 94 लाख 17 हजार की धनराशि स्वीकृत की है। इन मार्गों पर मुख्य सड़कों से आवासीय बस्तियों, मोहल्लों और सार्वजनिक स्थलों तक इंटरलॉकिंग मार्गों का निर्माण प्रस्तावित है।
स्वीकृत कार्यों में गुदमी, देवीपुरा, पंचपकरिया, बमनपुरी, भजनपुर, चंदनी, छिनीगोठ, मोहनपुर, बस्तिया, बनबसा, मनिहारगोठ, ज्ञानखेड़ा, नायकगोठ, टनकपुर और आमबाग सहित विभिन्न ग्रामीण क्षेत्र शामिल हैं। योजना का उद्देश्य ग्रामीण बस्तियों को मुख्य सड़कों से बेहतर संपर्क उपलब्ध कराना है, जिससे विद्यार्थियों, महिलाओं, बुजुर्गों और अन्य ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिल सके।
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर निर्माण कार्यों को गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से संपन्न कराने के निर्देश दिए हैं। मार्गों के निर्माण से कृषि गतिविधियों, स्थानीय व्यापार तथा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बेहतर होने की उम्मीद है।
खलकीना की महिलाओं ने मसाला उद्यम से लिखी स्वावलंबन की नई कहानी
बाराकोट ब्लॉक के खलकीना गांव में सखी स्वयं सहायता समूह की महिलाएं मसाला उत्पादन और पैकेजिंग के जरिए आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। समूह की अध्यक्ष कलावती देवी के मार्गदर्शन में महिलाएं हल्दी, धनिया, मिर्च और जीरे जैसे मसालों के कच्चे माल की व्यवस्था, पिसाई और पैकेजिंग का काम कर रही हैं। समूह के उत्पादों की स्थानीय बाजार में मांग बढ़ने की जानकारी दी गई है।
₹10 लाख की परियोजना, महिलाओं को मिल रही ₹15 से ₹20 हजार मासिक आय
इस मसाला उद्यम की कुल लागत ₹10 लाख बताई गई है। इसमें ग्रामोत्थान योजना के तहत ₹6 लाख की आर्थिक सहायता, ₹3 लाख का बैंक ऋण और महिलाओं का ₹1 लाख का स्वयं का योगदान शामिल है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, समूह की महिलाएं इस पहल से हर महीने कुल ₹15 हजार से ₹20 हजार तक की आय अर्जित कर रही हैं।
यह पहल ग्रामीण महिलाओं को घर के आसपास रोजगार उपलब्ध कराने और उनकी आर्थिक भागीदारी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। स्थानीय स्तर पर कच्चे माल की उपलब्धता और बाजार तक पहुंच को मजबूत किया जाए तो ऐसे उद्यम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सहारा दे सकते हैं।
विकास के तीन मोर्चों पर चम्पावत की तस्वीर
धार्मिक स्थलों का संरक्षण, ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सड़क संपर्क और महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से स्वरोजगार—ये तीनों पहल जनपद के विकास के अलग-अलग पहलुओं को सामने लाती हैं। अब इन योजनाओं का वास्तविक लाभ स्थानीय लोगों तक समय पर पहुंचे, निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ पूरे हों और महिला उद्यमों को बाजार में स्थायी अवसर मिलें, यही इन प्रयासों की सफलता का महत्वपूर्ण आधार होगा।
PSR उत्तरध्वनि न्यूज़
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