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देवीधुरा बग्वाल मेले का भव्य शुभारंभ, आस्था के रंग में रंगा वाराही धाम 28 अगस्त को ऐतिहासिक बग्वाल
उत्तराखंड जनपद चंपावत।
चम्पावत, अगस्त। विश्व प्रसिद्ध देवीधुरा धाम आज ढोल-नगाड़ों, पारंपरिक लोक संस्कृति और माँ वाराही की जय-जयकार से गूंज उठा। पौराणिक परंपरा, धार्मिक आस्था और लोक संस्कृति के अद्भुत संगम 13 दिवसीय देवीधुरा बग्वाल मेले का रविवार को विधिवत शुभारंभ हुआ। उत्तराखंड सरकार के शहरी विकास, पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन तथा जलागम प्रबंधन मंत्री राम सिंह कैड़ा ने माँ वाराही मंदिर के मुख्य द्वार पर फीता काटकर मेले का उद्घाटन किया।
दीप प्रज्वलन के बाद मंत्री ने माँ वाराही देवी के दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य एवं शांति की कामना की। उद्घाटन समारोह में ढोल-नगाड़ों, छलिया नृत्य और भव्य कलश यात्रा ने माहौल को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया।
मुख्य बाजार से मंदिर परिसर तक निकली शोभायात्रा में महिलाओं और छात्राओं ने पारंपरिक वेशभूषा में शामिल होकर उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति की शानदार झलक प्रस्तुत की। संस्कृत महाविद्यालय देवीधुरा के विद्यार्थियों तथा राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं ने वेद मंत्रों और स्वस्ति वाचन से अतिथियों का स्वागत किया।
28 अगस्त को होगा ऐतिहासिक बग्वाल का रोमांच
देवीधुरा मेले का सबसे बड़ा आकर्षण 28 अगस्त को होने वाली ऐतिहासिक बग्वाल होगी। चारों खामों के लोग इस पौराणिक परंपरा में उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करेंगे। सदियों पुरानी यह परंपरा देवीधुरा की पहचान बन चुकी है और इसे देखने के लिए उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु एवं पर्यटक पहुंचते हैं।
मंत्री राम सिंह कैड़ा ने कहा कि विश्व प्रसिद्ध माँ वाराही धाम के वार्षिक मेले का शुभारंभ करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि देवीधुरा धाम देश-विदेश के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। उन्होंने अपने बचपन से माँ वाराही धाम से जुड़े संबंध का भी उल्लेख किया तथा लोगों से बड़ी संख्या में देवीधुरा पहुंचकर माँ वाराही के दर्शन करने और मेले को शांतिपूर्ण ढंग से सफल बनाने में सहयोग की अपील की।
मंत्री हुए सम्मानित, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
मेले के उद्घाटन के बाद मंदिर समिति की ओर से मंत्री राम सिंह कैड़ा को स्मृति चिह्न एवं अभिनंदन पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया। छात्र-छात्राओं की रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उपस्थित श्रद्धालुओं और अतिथियों का मन मोह लिया।
प्रशासन एवं मेला समिति की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यातायात, सुरक्षा, पेयजल, स्वच्छता सहित आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित किए जाने की बात कही गई है। मेले में सात थोक एवं चार खामों से हजारों श्रद्धालुओं और प्रतिभागियों के पहुंचने की संभावना है।
उद्घाटन समारोह में क्षेत्रीय विधायक की गैरमौजूदगी चर्चा में
देवीधुरा जैसे विश्व प्रसिद्ध धार्मिक एवं ऐतिहासिक मेले के भव्य शुभारंभ कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक कहीं नजर नहीं आए, जिसकी स्थानीय स्तर पर चर्चा रही। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी, मंदिर समिति के पदाधिकारी और स्थानीय लोग मौजूद रहे, लेकिन क्षेत्रीय विधायक की अनुपस्थिति लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी रही।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी, मेला संयोजक मोहन सिंह बिष्ट, माँ वाराही शक्तिपीठ ट्रस्ट के अध्यक्ष हीरा वल्लभ जोशी, पूर्व मंदिर कमेटी अध्यक्ष खीम सिंह लमगड़िया, नरेंद्र सिंह लडवाल, राजेश बिष्ट, अमित लमगड़िया, लक्ष्मी दत्त जोशी, जगदीश सिंह सिनग्वाल, नगर पंचायत पाटी अध्यक्ष नारायण लाल, अपर जिलाधिकारी कृष्ण नाथ गोस्वामी, उप जिलाधिकारी पाटी नीतू डांगर, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत अनिल जोशी, जिला पंचायत सदस्य ढोलीगांव नैनीताल बहादुर सिंह नदगली, हयात सिंह बिष्ट, प्रधान वालिक राजेंद्र बिष्ट, ट्रस्टी मोहन सिंह सिनग्वाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी, श्रद्धालु एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
PSR उत्तरध्वनि NEWS की खास रिपोर्ट:
देवीधुरा की धरती एक बार फिर आस्था, परंपरा और संस्कृति के रंग में रंग चुकी है। अब सभी की निगाहें 28 अगस्त की ऐतिहासिक बग्वाल पर टिकी हैं, जब चारों खामों के योद्धा पौराणिक परंपरा के साथ मैदान में उतरेंगे और देवीधुरा धाम एक बार फिर ऐतिहासिक बग्वाल का साक्षी बनेगा।
मुख्य संपादक पुष्कर सिंह राजपूत
PSR उत्तरध्वनि NEWS