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चमोली में जनसमस्याओं पर डीएम गौरव कुमार सख्त, 27 फरियादियों की सुनी शिकायतें सीएम हेल्पलाइन की 36 दिन से अधिक पुरानी 60 शिकायतों की भी समीक्षा, अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश
उत्तराखंड जनपद चमोली।
गोपेश्वर, 7 सितंबर। जनसमस्याओं के निस्तारण में किसी भी तरह की लापरवाही न हो, इसके लिए जिलाधिकारी गौरव कुमार ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। सोमवार को जिला सभागार गोपेश्वर में आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे 27 लोगों ने अपनी समस्याएं और शिकायतें जिलाधिकारी के समक्ष रखीं। डीएम ने सभी शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
जनता मिलन में ग्राम जस्यारा निवासी रणजीत लाल ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सर्वे के दौरान दर्ज अपनी पत्नी के नाम को उनकी मृत्यु के बाद अपने नाम किए जाने और आवास का लाभ दिलाने की मांग रखी। जिलाधिकारी ने परियोजना निदेशक को नाम परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी करने तथा बीडीओ कर्णप्रयाग को गांव में जाकर मामले की जांच करने के निर्देश दिए।
रौली निवासी अनिल रावत ने स्वरोजगार के लिए विद्यालय भवन उपलब्ध कराने की मांग की। इस पर जिलाधिकारी ने जिला शिक्षा अधिकारी को विद्यालय भवन की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए। सिरौं निवासी विजय सिंह रावत ने लोक निर्माण विभाग से एनओसी जारी न होने की शिकायत की। डीएम ने संबंधित अधिकारी को उसी दिन एनओसी जारी कर शिकायतकर्ता को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
चेपड़ो निवासी देवेंद्र सिंह रावत ने चैन लिंक फेंसिंग की मांग रखी, जिस पर मुख्य कृषि अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। डुमक निवासी राजेंद्र सिंह भंडारी ने वन भूमि हस्तांतरण से संबंधित मामला उठाया। डीएम ने मामले के समाधान के लिए अपर जिलाधिकारी, वन विभाग, पीएमजीएसवाई सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक गुरुवार को आयोजित करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा सगर निवासी हरीश रावत, गौणा निवासी गजेंद्र सिंह रावत, तपोवन निवासी कस्तूरा देवी, रोपा निवासी बंशी लाल समेत अन्य लोगों ने भी अपनी समस्याएं रखीं। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को सभी प्रकरणों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
36 दिन से लंबित 60 शिकायतों की समीक्षा
जनता मिलन के बाद जिलाधिकारी ने सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज लंबित शिकायतों की विभागवार समीक्षा की। इस दौरान 36 दिन से अधिक समय से लंबित 60 शिकायतों पर अधिकारियों से अब तक की गई कार्रवाई और वर्तमान स्थिति की जानकारी ली गई।
डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाए। जिन मामलों में कार्रवाई पूरी हो चुकी है, उनकी स्थिति सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर तत्काल अपडेट की जाए।
शिकायतकर्ता को भी मिले कार्रवाई की जानकारी
जिलाधिकारी ने कहा कि शिकायत पर की गई प्रत्येक कार्रवाई और उसकी प्रगति से शिकायतकर्ता को भी अवगत कराया जाए, ताकि उसे अपनी शिकायत के संबंध में हुई कार्रवाई और निस्तारण की स्पष्ट जानकारी मिल सके।
उन्होंने अधिकारियों को शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा अधिकारी स्वयं करें और अनावश्यक विलंब से बचें।
बहुविभागीय मामलों में आपसी समन्वय जरूरी
डीएम ने कहा कि जिन शिकायतों के समाधान में एक से अधिक विभागों की भूमिका है, उनमें संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय स्थापित कर त्वरित कार्रवाई करें। प्रशासन की प्राथमिकता है कि आमजन की समस्याओं का समय पर समाधान हो और लोगों को अपनी शिकायतों के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
इस दौरान अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश, परियोजना निदेशक आनंद सिंह, उपजिलाधिकारी राज कुमार पांडे, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजीव पाल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
रिपोर्टर — पुष्कर सिंह राजपूत
PSR उत्तरध्वनि NEWS