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चम्पावत में विकास की नई तस्वीर: स्वास्थ्य से स्वरोजगार और खेल से शिक्षा तक कई बड़ी सौगातें जिला अस्पताल में ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट शुरू, निलोटी की महिलाओं ने डेयरी से बढ़ाया आत्मनिर्भरता का कदम; 160 खिलाड़ियों ने दिखाई प्रतिभा, 14 आपदा प्रभावित स्कूलों को मिली मरम्मत की मंजूरी
उत्तराखंड जनपद
चम्पावत। सीमांत जनपद चम्पावत में स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, खेल, शिक्षा और स्वरोजगार के क्षेत्र में एक साथ कई महत्वपूर्ण पहल सामने आई हैं। जिला चिकित्सालय में अत्याधुनिक रक्त घटक पृथक्करण सुविधा शुरू होने से जहां गंभीर मरीजों को स्थानीय स्तर पर राहत मिलेगी, वहीं पाटी के निलोटी गांव की महिलाओं ने सामूहिक डेयरी के जरिए आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। दूसरी ओर टनकपुर में 160 युवा खिलाड़ियों ने अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया और प्राकृतिक आपदा से क्षतिग्रस्त 14 प्राथमिक विद्यालयों की मरम्मत एवं पुनर्स्थापना के लिए करीब 93 लाख रुपये की स्वीकृति मिली है।
जिला अस्पताल में ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट का शुभारंभ
जिला चिकित्सालय चम्पावत में करीब 50 लाख रुपये की लागत से स्थापित ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल माध्यम से शुभारंभ किया।
इस सुविधा के शुरू होने से अब रक्त को उसके प्रमुख घटकों—पैक्ड रेड ब्लड सेल्स (PRBC), प्लाज्मा और प्लेटलेट्स—में अलग किया जा सकेगा। मरीज की चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार संबंधित रक्त घटक उपलब्ध कराया जाएगा।
दुर्घटना, प्रसव के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव, सर्जरी, गंभीर बीमारी और अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में यह सुविधा बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी। इससे दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को आवश्यक रक्त घटकों के लिए बड़े चिकित्सा केंद्रों की ओर रेफर किए जाने की जरूरत कम होगी और उपचार में लगने वाला महत्वपूर्ण समय भी बचेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चम्पावत उनके लिए केवल विधानसभा क्षेत्र नहीं बल्कि कर्मभूमि है और यहां की जनता उनका परिवार है। उन्होंने स्वास्थ्य सुविधाओं को लगातार मजबूत किए जाने की बात कही। जिला चिकित्सालय में क्रिटिकल केयर ब्लॉक, सीटी स्कैन, एमआरआई, डायलिसिस सहित अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास का भी उल्लेख किया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश चौहान ने नागरिकों से स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आने की अपील की। उन्होंने कहा कि रक्त से अलग-अलग घटक तैयार होने के कारण जरूरतमंद मरीजों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
निलोटी की सात महिलाओं ने बदली अपनी आर्थिक तस्वीर
पाटी विकासखंड के सुदूरवर्ती निलोटी गांव की महिलाओं ने सामूहिक प्रयास और सरकारी सहयोग से स्वरोजगार की नई मिसाल कायम की है।
गांव की सात महिलाओं ने मिलकर ‘श्री भूमिया देवता स्वयं सहायता समूह’ का गठन किया और ग्रामोत्थान परियोजना के सहयोग से आधुनिक सामूहिक डेयरी इकाई स्थापित की।
करीब 10 लाख रुपये की लागत से तैयार इस डेयरी प्रोजेक्ट में ग्रामोत्थान परियोजना की ओर से 6 लाख रुपये का वित्तीय अनुदान, परियोजना के समन्वय से 3 लाख रुपये का बैंक ऋण और स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की ओर से 1 लाख रुपये का अंशदान किया गया।
वर्तमान में डेयरी में 7 गाय और 1 भैंस का पालन किया जा रहा है। यहां प्रतिदिन औसतन 45 से 50 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है।
महिलाएं खुद दुग्ध उत्पादन, दूध संग्रहण, गुणवत्ता जांच और स्थानीय बाजार में विपणन की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। इस संगठित प्रयास से समूह की प्रत्येक महिला सदस्य को करीब 15 से 20 हजार रुपये प्रतिमाह की आय हो रही है।
निलोटी की यह पहल बताती है कि पहाड़ की महिलाएं यदि उन्हें उचित प्रशिक्षण, बाजार और आर्थिक सहयोग मिले तो गांव में रहकर भी सफल उद्यम खड़ा कर सकती हैं।
टनकपुर में 160 युवा खिलाड़ियों ने दिखाई प्रतिभा
मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना के तहत टनकपुर स्थित स्वर्गीय कैलाश गहतोड़ी स्पोर्ट्स स्टेडियम में जिला स्तरीय चयन परीक्षा आयोजित की गई।
14 से 23 वर्ष आयु वर्ग के बालक वर्ग की इस चयन प्रक्रिया में जिलेभर से 160 युवा खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया।
इनमें एथलेटिक्स के 55, फुटबॉल के 32, बॉक्सिंग के 19, हॉकी के 13, कराटे और बास्केटबॉल के 12-12, जूडो के 9 तथा ताइक्वांडो के 8 खिलाड़ियों ने प्रतिभा दिखाई।
चयन प्रक्रिया में खिलाड़ियों की शारीरिक दक्षता और खेल क्षमता का वैज्ञानिक तरीके से मूल्यांकन किया गया। इसके लिए 800 मीटर दौड़, 30 मीटर फ्लाइंग स्टार्ट, मेडिसिन बॉल थ्रो, शटल रन और वर्टिकल जंप जैसे परीक्षण कराए गए।
चयन प्रक्रिया नोडल अधिकारी ललित मोहन कुंवर और स्टेडियम प्रभारी गौरव खोलिया की देखरेख में संपन्न हुई। विभिन्न खेलों के विशेषज्ञ प्रशिक्षकों ने खिलाड़ियों के तकनीकी प्रदर्शन का भी मूल्यांकन किया।
आपदा प्रभावित 14 प्राथमिक विद्यालयों की होगी मरम्मत
प्राकृतिक आपदा से क्षतिग्रस्त चम्पावत जिले के 14 प्राथमिक विद्यालयों की मरम्मत और पुनर्स्थापना के लिए बड़ी स्वीकृति मिली है।
इन कार्यों के लिए SDRF मद से कुल ₹93.081 लाख की धनराशि स्वीकृत की गई है। प्रथम किस्त के रूप में स्वीकृत धनराशि का 70 प्रतिशत यानी करीब ₹65.156 लाख अवमुक्त किया गया है।
इन कार्यों को ग्रामीण निर्माण विभाग, चम्पावत द्वारा कराया जाएगा।
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी कार्य निर्धारित मानकों और गुणवत्ता के अनुरूप समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं। कार्यों की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की नियमित निगरानी करने और वित्तीय अनुशासन बनाए रखने पर भी जोर दिया गया है।
विद्यालयों की मरम्मत से प्रभावित क्षेत्रों में विद्यार्थियों की शिक्षा व्यवस्था को सुचारु करने के साथ उन्हें सुरक्षित एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
गांव-गांव पहुंचेगी मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना की IEC वैन
स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना (MUY) के तहत चम्पावत में विशेष अभियान शुरू किया जा रहा है।
21 अगस्त से 27 अगस्त 2026 तक IEC वैन जिले के चम्पावत, लोहाघाट, पाटी और बाराकोट विकासखंडों के दूरस्थ गांवों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों तक पहुंचेगी।
आधुनिक LED डिस्प्ले और ऑडियो-वीडियो प्रचार सामग्री से लैस यह वाहन युवाओं, महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय उद्यमियों को स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी देगा। इच्छुक लोगों को मौके पर ही उद्यमी पंजीकरण की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
21 अगस्त को विकास भवन सभागार में ‘MUY चौपाल’ का आयोजन होगा। कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 10 उद्यमियों को सम्मानित किया जाएगा तथा वित्तीय सहायता के चेक भी वितरित किए जाएंगे।
कार्यक्रम स्थल पर उत्पाद प्रदर्शनी, पंजीकरण डेस्क, बैंकिंग एवं ऋण सहायता डेस्क और विभागीय मार्गदर्शन की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।
स्वास्थ्य: जिला चिकित्सालय चम्पावत में करीब 50 लाख की लागत से ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट शुरू।
महिला सशक्तिकरण: निलोटी की 7 महिलाओं की सामूहिक डेयरी से प्रत्येक सदस्य को करीब 15–20 हजार रुपये मासिक आय।
खेल: मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना में 160 युवा खिलाड़ियों ने जिला स्तरीय चयन परीक्षा में हिस्सा लिया।
शिक्षा: प्राकृतिक आपदा से क्षतिग्रस्त 14 प्राथमिक विद्यालयों की मरम्मत के लिए ₹93.08 लाख स्वीकृत, ₹65.16 लाख की पहली किस्त जारी।
स्वरोजगार: 21 से 27 अगस्त तक चम्पावत के गांव-गांव पहुंचेगी मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना की IEC वैन।
PSR उत्तरध्वनि NEWS
Chief Editor पुष्कर सिंह राजपूत