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आस्था, इतिहास और सामाजिक समरसता की विरासत बिसेराज देवता, एडी ब्यांधुरा और ग्राम मजपीपल का जीवंत इतिहास
देहरादून
पीएसआर उत्तर ध्वनि न्यूज़ के माध्यम से आज एक ऐसी विशेष रिपोर्ट प्रस्तुत की जा रही है,
जो केवल समाचार नहीं बल्कि आस्था, इतिहास और सामाजिक समरसता की जीवंत विरासत को सामने रखती है।
बिसेराज देवता : वीर चंद्र राजा की अमर गाथा
लोकमान्यताओं और जनश्रुतियों के अनुसार
बिसेराज देवता एक वीर चंद्र राजा थे,
जिन्होंने अपनी प्रजा की रक्षा, धर्म और न्याय के लिए
रणभूमि में अद्वितीय शौर्य दिखाया
और प्रजा की रक्षा करते-करते वीरगति को प्राप्त हुए।
इसी कारण बिसेराज देवता को
आज भी रक्षक, न्यायप्रिय और बलिदानी राजा के रूप में
देव स्वरूप मानकर पूजा जाता है।
उनका जीवन आज भी समाज को
त्याग, साहस और कर्तव्य का संदेश देता है।
एडी ब्यांधुरा : कुल देवता और मूल आस्था
इतिहास के अनुसार
एडी ब्यांधुरा देवता हमारे कुल देवता माने जाते हैं।
हमारे बुजुर्गों के अनुसार,
पूर्वज पहले तल्ली कमलेक क्षेत्र में निवास करते थे,
जहाँ एडी ब्यांधुरा देवता की आराधना होती रही।
लोककथाओं के अनुसार
वहीं एक शिला उड़कर आई,
जो आज फटकशिला के नाम से प्रसिद्ध है।
यह स्थल आज भी गहरी आस्था का केंद्र बना हुआ है।
आज भी आश्विन माह के नवरात्रों में
समस्त बोहरा परिवार परंपरागत रूप से
वहाँ जाकर विधिवत पूजा-अर्चना करता है।
यह परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है।
ग्राम मजपीपल : सामाजिक इतिहास और भाईचारे की मिसाल
वर्तमान ग्राम मजपीपल
सामाजिक समरसता और सहअस्तित्व का सशक्त उदाहरण रहा है।
यहाँ
तिवारी परिवार,
कथायत परिवार,
बिष्ट परिवार,
धामी (पुजारी) परिवार,
तथा एससी–एसटी वर्ग के परिवार
सदियों से आपसी सम्मान और भाईचारे के साथ रहते आए हैं।
लोकइतिहास के अनुसार
कोहली परिवार ग्राम मजपीपल का सबसे प्राचीन परिवार माना जाता है।
यह भी माना जाता है कि
कोहली परिवार ही सर्वप्रथम बोहरा परिवार को गांव में बसाकर लाया।
समय-समय पर कोहली परिवार को
राजनीति और ग्राम नेतृत्व का अवसर मिला
और ग्रामीणों के अनुसार
उन्होंने गांव में संतुलित, जिम्मेदार और विकासोन्मुख व्यवस्था स्थापित की।
आज की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि
नई पीढ़ी इतिहास से कटती जा रही है,
जबकि सच्चाई यह है कि
इतिहास ही किसी समाज की सबसे मजबूत नींव होता है।
गांव की प्रगति के लिए
हर वर्ग, हर जाति और हर परिवार का सम्मान
अत्यंत आवश्यक है।
आस्था से विकास और संदेश से होली की शुभकामना
बिसेराज देवता,
एडी ब्यांधुरा देवता
एवं समस्त देवी-देवताओं की कृपा से
ग्राम मजपीपल आगे भी
शांति, सद्भाव और विकास के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़े—
यही इस विशेष रिपोर्ट का मूल भाव है।
इसी पावन अवसर पर
पीएसआर उत्तर ध्वनि न्यूज़
समस्त देशवासियों एवं क्षेत्रवासियों को
रंगों, प्रेम, भाईचारे और उल्लास के महापर्व होली की
हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित करता है।
कामना है कि
यह होली समाज से द्वेष मिटाए,
आपसी सौहार्द बढ़ाए,
हर घर में खुशहाली लाए
और ग्राम मजपीपल सहित पूरे देश में
सद्बुद्धि, एकता और विकास के रंग बिखेर दे।
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