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तेरु मेरु अमर प्रेम पति-पत्नी के रिश्ते को समर्पित गीत ने बटोरा सराहना
देहरादून। वैवाहिक जीवन की मिठास और जिम्मेदारियों को स्वरबद्ध करता गीत "तेरु मेरु अमर प्रेम" हाल ही में रिलीज़ किया गया है। पति-पत्नी के रिश्ते को केंद्र में रखकर रचित यह गीत हर श्रोता को अपने भावनात्मक संदेश से जोड़ने का प्रयास करता है।
इस गीत की रचना एवं मुख्य स्वर संजय कृष्ण ध्यानी ने दिए हैं, जबकि सहगायिका के रूप में उत्तराखंड की लोकप्रिय गायिका मीना राणा ने अपनी मधुर आवाज़ से गीत को और भी सजीव बना दिया है। गीत के निर्माता अशोक जोशी हैं तथा प्रस्तुति शिव वैष्णौ फिल्मस के बैनर तले की गई है। इसकी रिकॉर्डिंग देहरादून स्थित सुरभी स्टूडियो में हुई।
संजय कृष्ण ध्यानी ने कहा
यह गीत केवल शब्द और धुन का मेल नहीं है, बल्कि यह हर पति-पत्नी की जीवन यात्रा की झलक है। मैंने अपनी पूरी आत्मा से इसमें भाव डाले हैं। मेरी कोशिश रही है कि यह गीत लोगों को रिश्तों की अहमियत और एक-दूसरे के प्रति जिम्मेदारी की याद दिलाए।
मीना राणा ने कहा –
तेरु मेरु अमर प्रेम’ गाते समय मुझे ऐसा लगा मानो मैं हर उस दंपत्ति की भावनाओं को स्वर दे रही हूँ जो एक-दूसरे के लिए जीते हैं। मुझे खुशी है कि यह गीत लोगों को उनके रिश्ते की गहराई का एहसास कराएगा।
गीत के भावार्थ में पति-पत्नी के बीच आजीवन निभाए जाने वाले रिश्ते की पवित्रता को दिखाया गया है। इसमें यह संदेश दिया गया है कि जीवन की कठिनाइयों और सुख-दुख के हर पड़ाव में, दोनों का साथ एक-दूसरे के लिए संबल और प्रेरणा बना रहता है। गीत यह भी बताता है कि प्रेम केवल आकर्षण या दिखावे का नाम नहीं है, बल्कि यह धैर्य, विश्वास और त्याग पर टिका हुआ अटूट बंधन है।
रिलीज़ के बाद से ही श्रोताओं में इस गीत को लेकर उत्साह का माहौल है। स्थानीय लोग मानते हैं कि यह रचना न केवल संगीत प्रेमियों को भाएगी बल्कि पारिवारिक मूल्यों और वैवाहिक रिश्तों को भी सशक्त संदेश देगी।